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Sad Shayari in Hindi

Amit Barnala0

Hello friends here i m going to share sad shayari , its latest shayari my friend i you are broken heart its totally for you my friend

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1,

भले तेरे लिए तेरा प्यार हूँ मैं ।
दुनियां की नजर में गुनहगार हूँ मैं ।
तुम समझते हो फूल मुहब्बत का मुझे ।
उनकी नजर में जहरीला खर हूँ मैं ।

2,

प्यार करने वालों को गुमान नहीं होता ।
भले उनका इस दुनियां में मान नहीं होता ।
रहे उम्रभर दिल में महबूब का चेहरा ।
महबूब इनके दिल का मेहमान नहीं होता ।

3,

तुखूश होगी आमिर होकर मैं गुरबत का मारा हूँ ।
तू जित गई बजी जफ़ा की मैं मुहब्बत की हारा जू ।
तूने एक बार भी न सोचा क्या हाल होगा दीवाने का ।
तू चली गई बनकर दुल्हन देख मैं अब भी कुंवारा हूँ ।

4,

तेरी डोली को कुहरों ने उठाया मेरे यार ।
मेरे जनाजा तूने अपना हाथों सजाया मेरे यार ।
फिर भी तेरी जफ़ा को सजदा करते हैं हम ।
अपनी नजर में तुझको खुदापाया मेरे यार ।

5,

रोते हैं हम जब ख्याल आता है मुस्कुराने का ।
कुछ ऐसा ही दस्तूर है मेरे दिल दीवाने का ।
जिन्होनें भरे गम हमारे दमन में यारो ।
एहसानमंद रहूँगा सदा मैं उस जमाने का ।

6,

नाम अब भी है मेरी जुबाँ पर ।
नजर ने ढूंढा है कहाँ कहाँ पर ।
कैसे मिलेंगे रह की धूल हैं हम ।
तुम तो पहुँच चुके हो आसमान पर ।

7,

तेरी वफ़ा को सलाम , तेरी जफ़ा को सलाम ।
जिस पर हम हुए फ़िदा उस अदा को सलाम ।
चाहे मैं बरबाद रहूँ गम नहीं मुझको इसका ।
जो तुझे करे आबाद उस फजा को सलाम ।

8,

क्यों दिल का दर्द दिल में छुपाये रहते हो ।
मुस्कुराहट हर पल लबों पे सजाये रहते हो ।
शायद इसीलिए आँखों में अश्क थमे रहते हैं ।
कोयंकि दर्द दिल दिल में दबे रहते हो ।

9,

तुझको ढूंढते हैं हम हर पल ख्यालों में ।
तुझको देखा हैं एक बार हमने कई सालों में ।
जब तलक तेरे हुसन की चमक न देखि थी ।
कोई कमी सी लगती थी सितारों के उजालों में ।

10,

” तेरे इश्क में ” हम नाशाद हुए ।
आबाद हुए कभी बरबाद हुए ।
हमारे लिए नए ईजाद हुए ।
आबाद हुए कभी बरबाद हुए ।

11,

न तुम दे सके , न दुनियां ने दिया ।
पाने को प्यार , कया कया न किया ।
हम र ढेरों ही बेदाद हुए ।
आबाद हुए कभी बरबाद हुए ।

12,

तेरे जुल्मों सितम , हस हस्के सहे ।
जो शिकवे थे , जुबान से न कहे ।
तुम्हें पछतावे मेरे बाद हुए ।
आबाद हुए …………………..

13,

मुहब्बत के हमें , जब ईनाम मिले ।
हमारी वफ़ा को ही इल्जाम मिले ।
तेरे सितमों को भी दाद हुए ।
आबाद हुए ………….

14,

इश्क की नगरी ” दीवाने ” जो आये ।
जीते जी यारो वो लोट न पाए ।
मर कर ही वो आजाद हुए
आबाद हुए …………….

15,

तेरी खुशियों की खुदा से फरियाद हम करेंगे ।
गम के लम्हों में तुम्हारी इमदाद हम करेंगें ।
तो क्या हुआ तुमने किया बरबाद मुझको ।
हर गम सह कर घर तेरा आबाद हम करेंगे ।

16,

जाने कितने रोज उनसे गैरो के संग गुजरे हैं ।
हम यही समझते रहे की वो अब भी हमारे है ।
आज सोचा तो समझ में आ गया ऐ खुदा ।
हम जमीन की चल वो आसमान के सितारे हैं ।

17,

रस्म ‘ ए ‘ मोहब्बत से आज भी बेखबर हूँ मैं ।
न मिली हो जिसे वफ़ा ऐसा बशर हूँ मैं ।
अपनी जुल्फों के साये में जीवन बिताने दो मुझे ।
तेरी दुन्नियां का ठुकराया हुआ एक बेघर हूँ मैं ।

18,

मेरे पास छाए न ही आना ।
मुझको भले ही न अपनाना ।
वहीँ बैठके ही तुम रो लेना ।
जब भी मर जाये एरा ” दीवाना ” ।

19,

मेरे प्यार को कैसे जेहन से भुलाया होगा ।
नाम दिल पे जो लिखा मेरा कैसे मिटाया होगा ।
कैसे जुदाई सही होगीः हम यही सोचते हैं ।
कैसे अश्क रोके होंगे ” कैसे दिल बहलाया होगा ”।

20,

जब उन्हें है मुहब्बत का एहसास हुआ ।
मेरा जनाजा देख दिल उनका उदास हुआ ।
उनहोंने भी मांगी मौत जब ये पता चला ।
एक उन्हीं के कारण दीवाने का स्वर्गवास हुआ ।

21,

जब मेरे खाटों को तुमने आग में जलया हुआ ।
अपने होंठों को तब जैम ‘ए ‘ अश्क पिलाया होगा ।
हम अब भी यही सोचे है की ये कैसे किया तूने ।
कैसे हाथों ने दिलाय साथ ” कैसे दिल बहलाया होगा ”।

22,

तुमने मेरी लाश को तो कब्र में दफन दिया ,
मगर मेरी यादों को दिल में दफना न पाओगे ।
तुम्हें हर पल याद आऊंगा मैं इना मुझे यकीं है ,
भुलाने की कराए कोशिश मगर भुला न पाओगे ।

23,

बहारों से जब आखिरी सलाम आएगा ।
मेरा दिया गुलदस्ता तुम्हारे काम आयेगा ।
तेरे लिए जान भी दे देगा ‘ दिवेना ” ।
जब भी मुहब्बत में ऐसा मुकाम आएगा ।

24,

चाँद रोज की मुलाकात है सनम ।
और फिर बिछुड़ जायेंगें हम ।
कुछ पल की खुशियों के बाद ।
उम्रभर के मिल जायंगें गम ।

25,

तेरे वादों के साथ बता कब तक मेरा गुजरा होगा ।
कभी सोचा भी है तुमने क्या हाल तुम्हारे बिन हमारा होगा ।
तुम भूल गे हम कैसे भूले कह तो दिया भूल जाओ मुझे ।
क्या तुम्हें मैं याद न आऊंगा जब ” जन्म दिन तुम्हारा होगा ”।

26,

तुम मेरा नाम दिल से मिटाओगे हैसे ।
गम मुहब्बत का दुनियां से छुपाओगे कैसे ।
मैं न सही मेरा तोहफा तो पहुंचेगा ।
तुम बिन मेरे जन्म दिन मनाओगे कैसे ।

27,

एक बार मेरी वफ़ा का विशवास तो कर ।
न मिलन चाहे पर मिलने की आस तो कर ।
यूँ तो होंगे जमाने में सैंकड़ों ही आशिक तेरे ।
किसकी मुहब्बत है सच्ची ”अहसास तो कर ”।

28,

बार – बार नहीं खिलाती है कलियाँ बहार की ।
लौटके न आएंगी दोबारा घडिया प्यार की ।
चूड़ी कंगना कजरा बेकार है तेरा जन्म ।
” दीवाना ” ही है असली रोक तेरे शंगार की ।

29,

गुनाह अपना याद किया कर ।
आशिक यूँ न बर्बाद किया कर ।
मैं नहीं देख सकता बेरुखी तेरी ।
ये सब तू मेरे बाद किया कर ।

30,

तेरे होतीं से निकली हर बात याद आती है ।
खौफ ‘ ए ‘ जहाँ से मिलने वाली मुलाकात याद आती है ।
यूँ लम्हें एक भी बहलने लायक नहीं पर जयादातर ।
पहली मुलाकात में जो बरसी थी बरसात याद आती है ।…