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2 Line Shayari |Short Hindi Shayari

Amit Barnala0

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1,

पता चल ही जाता है ज़माने को तेरी फितरत का
तेरा हर सितम हमने दुनिया से छुपाके देखा है

2,

सोच सोचकर हुए पागल फिर भी समझ न आए
तेरी दो मुंही बातें को बहुत सुलझाके देखा है

3,

कोई करे न रहम बेदर्दी की इस दुनिया में
तेरे प्यार में हमने खुद को दीवाना बनाके देखा है

4,

खुदा के कर्म से मिले हो तुम मुझको
दुनिया के सितम से बिछुड़ मत जाना

5,

आए बैंकर इतफ़ाक़ नजरों के सामने
जब जब दिल ने भुलाना चाहा उनको

6,

एक तू ही नहीं तड़पती दीदार को मेरे
निगाह मेरी को भी तेरी ही तलाश है

7,

यहीं ढूंढा वहां ढूंढा तुझे न जाए कहा कहाँ ढूंढा
तू मिली भी तो मुझे वहा तुझको न मैंने जहाँ ढूंढा

8,

ढल गया दिन तो आहिस्ता आहिस्ता
शब ए गम का गुजरना मुश्किल है

9,

न रास्ता है न मंजिल है और न ही हमसफ़र है
तन्हां है तन्हाई है और हमे भटक जाने का डर है

10,

हम बनते जो तुम्हारे तक़दीर को शायद मंजूर न था
दोष दूँ मैं किसको किसी का जब कसूर न था

11,

शायद तुमने हमारा ख्याल भी छोड़ दिया होगा
मगर हमने हर साँस में लिया नाम तुम्हारा

12,

खो गए हमसे हमारी मंजिलो के रस्ते
अब घूमता हूँ पागलों की तरह तेरे शहर में

13,

मोत बख्शी है जिसने उस मुहब्बत की कसम
अब भी करता हु इन्जार बैठकर मजार में

14,

खत का खत से जवाब दिया करो
निगाहों को पड़ना वश में नहीं मेरे

15,

कब तक करे बता इंतजार तेरे खत का
क्या याकि रखे हम मौत से पहले पहुंचेगा

16,

बन गए गैर अपने होते हुए
जब तुम वाकिफ वो गरीबी से मेरी

17,

जब उठी फोली तेरी मेरे सनम मेरी हसरतों का जमाना उठ गया
सब जानकर भी पूछे आजिज मेरी उदासी का सबब क्या है

18,

ठीक तेरे माफिक दिल जलाया है उसने
जब कभी की बातें मैंने तेरी तस्वीर से

19,

एक लम्हां न दिया साथ तूने मेरा
जबकि तेरे लिए हमने जिंदगी गुजार दी

20,

जिसको पूजा था हमने वो खुदा न बन पाया
पूजा करते करते हम खुद फकीर हो गए

21,

कोई नहीं करता अब इमदाद मेरे दिल की
दुश्मन तो दुश्मन अपने भी तड़पते है

22,

तूने जो मिटा डाला था मुझको बेवफा
मेरी पाक मुहब्बत की एक तासीर अभी बाकि है

23,

जिस पर हम मर मिटे उसने हमें मिटा दिया
वाह ! क्या खूब उसने मुहब्बत का सिला दिया

24,

हमने मांगी थी उनके जीवन की ख़ुशी
उन्होंने हमारी ख्वाहिश ए क़ज़ा भी छीन ली

25,

अश्क आँखों से दिल से बद्दुआ निकली
सितम किया याद जब कभी सितमगर का

26,

तुम्हें हुसन किसी को तड़पने के लिया नहीं मिला
देखने दो छूने दो और अगर हो सके तो बहल जाने दो

27,

हमने चाहा तुन्हें तमने चाहा किसी और को
खुदा करे जिसको तुमने चाहा वो चाहे किसी और को

28,

तुहारी फितरत किसी मसाले से कम नहीं लवली
चलती हो तो जैसे दाल में तड़का देती हो

29,

लवली से मांगा था साथ उसका वो गेम जुदाई दे गई
यादों के सहारे जी लेते वो भूल जाने की कसम दे गई

30,

तेरी जफ़ा के कारण ही मशहूर हुए जाना
वरना नावाकिफ ते हम अपने ही हुनर से

31,

ऐसा लगता है पानी में आग लग गई है लवली
तू आज अचानक मेरे साइन से चिपक गई है

32,

ये इशक इस दुनिया में हम पर ही आजमाया गया है या
इसे बनाने वाले ने खुद पर भी कभी तरस खाया है

33,

दिल वाले कयामत में भी दिलों को मिला सकते है
हम आपके दिल को अपने हिचकी से हिला सकते है

34,

तड़प तुमसे कसम तुमसे पिणति प्यार तुमसे है
तुम्हारा सब कुछ हमारा है दर्द दिल तुमसे है

35,

तुम्हारे नाम के साथ मेरा नाम पिनाटी
लोगों को वक़्त काटने का मौका मिल जाता है

36,

तुम पूछती हो प्यार काया चीज है लवली
दो दिलों को एक हो जाने दो फिर जान जाओगी

37,

सदियों का प्यार आज जाहिर हुआ है पिनाटी
अब इसे सर्दियों तक यूं ही चलने देना

38,

पके आम की तरह शबाब से लड़ी हुई है तू
किसी की नजर पर न चढ़ जाइये इसे पत्तों से धक् के रखना

39,

शराब पिने से जवानी में प्यास नहीं बुझती जीजा
पास आओ बैठो हुसन के जाम लबो से लगा लो

40

मैं कोई गुड़िया नहीं की दिल बहलाने के काम आऊं
दिल बहलाना है तो पहले दिल खोलकर दिखा…