Month: March 2020

2 Line Shayari |Short Hindi Shayari

2 Line ShayariAmit Barnala0

💓💓💓💓💓💓💓💓💓💓💓💓

1,

पता चल ही जाता है ज़माने को तेरी फितरत का
तेरा हर सितम हमने दुनिया से छुपाके देखा है

2,

सोच सोचकर हुए पागल फिर भी समझ न आए
तेरी दो मुंही बातें को बहुत सुलझाके देखा है

3,

कोई करे न रहम बेदर्दी की इस दुनिया में
तेरे प्यार में हमने खुद को दीवाना बनाके देखा है

4,

खुदा के कर्म से मिले हो तुम मुझको
दुनिया के सितम से बिछुड़ मत जाना

5,

आए बैंकर इतफ़ाक़ नजरों के सामने
जब जब दिल ने भुलाना चाहा उनको

6,

एक तू ही नहीं तड़पती दीदार को मेरे
निगाह मेरी को भी तेरी ही तलाश है

7,

यहीं ढूंढा वहां ढूंढा तुझे न जाए कहा कहाँ ढूंढा
तू मिली भी तो मुझे वहा तुझको न मैंने जहाँ ढूंढा

8,

ढल गया दिन तो आहिस्ता आहिस्ता
शब ए गम का गुजरना मुश्किल है

9,

न रास्ता है न मंजिल है और न ही हमसफ़र है
तन्हां है तन्हाई है और हमे भटक जाने का डर है

10,

हम बनते जो तुम्हारे तक़दीर को शायद मंजूर न था
दोष दूँ मैं किसको किसी का जब कसूर न था

11,

शायद तुमने हमारा ख्याल भी छोड़ दिया होगा
मगर हमने हर साँस में लिया नाम तुम्हारा

12,

खो गए हमसे हमारी मंजिलो के रस्ते
अब घूमता हूँ पागलों की तरह तेरे शहर में

13,

मोत बख्शी है जिसने उस मुहब्बत की कसम
अब भी करता हु इन्जार बैठकर मजार में

14,

खत का खत से जवाब दिया करो
निगाहों को पड़ना वश में नहीं मेरे

15,

कब तक करे बता इंतजार तेरे खत का
क्या याकि रखे हम मौत से पहले पहुंचेगा

16,

बन गए गैर अपने होते हुए
जब तुम वाकिफ वो गरीबी से मेरी

17,

जब उठी फोली तेरी मेरे सनम मेरी हसरतों का जमाना उठ गया
सब जानकर भी पूछे आजिज मेरी उदासी का सबब क्या है

18,

ठीक तेरे माफिक दिल जलाया है उसने
जब कभी की बातें मैंने तेरी तस्वीर से

19,

एक लम्हां न दिया साथ तूने मेरा
जबकि तेरे लिए हमने जिंदगी गुजार दी

20,

जिसको पूजा था हमने वो खुदा न बन पाया
पूजा करते करते हम खुद फकीर हो गए

21,

कोई नहीं करता अब इमदाद मेरे दिल की
दुश्मन तो दुश्मन अपने भी तड़पते है

22,

तूने जो मिटा डाला था मुझको बेवफा
मेरी पाक मुहब्बत की एक तासीर अभी बाकि है

23,

जिस पर हम मर मिटे उसने हमें मिटा दिया
वाह ! क्या खूब उसने मुहब्बत का सिला दिया

24,

हमने मांगी थी उनके जीवन की ख़ुशी
उन्होंने हमारी ख्वाहिश ए क़ज़ा भी छीन ली

25,

अश्क आँखों से दिल से बद्दुआ निकली
सितम किया याद जब कभी सितमगर का

26,

तुम्हें हुसन किसी को तड़पने के लिया नहीं मिला
देखने दो छूने दो और अगर हो सके तो बहल जाने दो

27,

हमने चाहा तुन्हें तमने चाहा किसी और को
खुदा करे जिसको तुमने चाहा वो चाहे किसी और को

28,

तुहारी फितरत किसी मसाले से कम नहीं लवली
चलती हो तो जैसे दाल में तड़का देती हो

29,

लवली से मांगा था साथ उसका वो गेम जुदाई दे गई
यादों के सहारे जी लेते वो भूल जाने की कसम दे गई

30,

तेरी जफ़ा के कारण ही मशहूर हुए जाना
वरना नावाकिफ ते हम अपने ही हुनर से

31,

ऐसा लगता है पानी में आग लग गई है लवली
तू आज अचानक मेरे साइन से चिपक गई है

32,

ये इशक इस दुनिया में हम पर ही आजमाया गया है या
इसे बनाने वाले ने खुद पर भी कभी तरस खाया है

33,

दिल वाले कयामत में भी दिलों को मिला सकते है
हम आपके दिल को अपने हिचकी से हिला सकते है

34,

तड़प तुमसे कसम तुमसे पिणति प्यार तुमसे है
तुम्हारा सब कुछ हमारा है दर्द दिल तुमसे है

35,

तुम्हारे नाम के साथ मेरा नाम पिनाटी
लोगों को वक़्त काटने का मौका मिल जाता है

36,

तुम पूछती हो प्यार काया चीज है लवली
दो दिलों को एक हो जाने दो फिर जान जाओगी

37,

सदियों का प्यार आज जाहिर हुआ है पिनाटी
अब इसे सर्दियों तक यूं ही चलने देना

38,

पके आम की तरह शबाब से लड़ी हुई है तू
किसी की नजर पर न चढ़ जाइये इसे पत्तों से धक् के रखना

39,

शराब पिने से जवानी में प्यास नहीं बुझती जीजा
पास आओ बैठो हुसन के जाम लबो से लगा लो

40

मैं कोई गुड़िया नहीं की दिल बहलाने के काम आऊं
दिल बहलाना है तो पहले दिल खोलकर दिखा…

Sad Shayari in Hindi

Sad ShayariAmit Barnala0

Hello friends here i m going to share sad shayari , its latest shayari my friend i you are broken heart its totally for you my friend

💓💓💓💓💓💓💓💓💓💓💓💓

1,

भले तेरे लिए तेरा प्यार हूँ मैं ।
दुनियां की नजर में गुनहगार हूँ मैं ।
तुम समझते हो फूल मुहब्बत का मुझे ।
उनकी नजर में जहरीला खर हूँ मैं ।

2,

प्यार करने वालों को गुमान नहीं होता ।
भले उनका इस दुनियां में मान नहीं होता ।
रहे उम्रभर दिल में महबूब का चेहरा ।
महबूब इनके दिल का मेहमान नहीं होता ।

3,

तुखूश होगी आमिर होकर मैं गुरबत का मारा हूँ ।
तू जित गई बजी जफ़ा की मैं मुहब्बत की हारा जू ।
तूने एक बार भी न सोचा क्या हाल होगा दीवाने का ।
तू चली गई बनकर दुल्हन देख मैं अब भी कुंवारा हूँ ।

4,

तेरी डोली को कुहरों ने उठाया मेरे यार ।
मेरे जनाजा तूने अपना हाथों सजाया मेरे यार ।
फिर भी तेरी जफ़ा को सजदा करते हैं हम ।
अपनी नजर में तुझको खुदापाया मेरे यार ।

5,

रोते हैं हम जब ख्याल आता है मुस्कुराने का ।
कुछ ऐसा ही दस्तूर है मेरे दिल दीवाने का ।
जिन्होनें भरे गम हमारे दमन में यारो ।
एहसानमंद रहूँगा सदा मैं उस जमाने का ।

6,

नाम अब भी है मेरी जुबाँ पर ।
नजर ने ढूंढा है कहाँ कहाँ पर ।
कैसे मिलेंगे रह की धूल हैं हम ।
तुम तो पहुँच चुके हो आसमान पर ।

7,

तेरी वफ़ा को सलाम , तेरी जफ़ा को सलाम ।
जिस पर हम हुए फ़िदा उस अदा को सलाम ।
चाहे मैं बरबाद रहूँ गम नहीं मुझको इसका ।
जो तुझे करे आबाद उस फजा को सलाम ।

8,

क्यों दिल का दर्द दिल में छुपाये रहते हो ।
मुस्कुराहट हर पल लबों पे सजाये रहते हो ।
शायद इसीलिए आँखों में अश्क थमे रहते हैं ।
कोयंकि दर्द दिल दिल में दबे रहते हो ।

9,

तुझको ढूंढते हैं हम हर पल ख्यालों में ।
तुझको देखा हैं एक बार हमने कई सालों में ।
जब तलक तेरे हुसन की चमक न देखि थी ।
कोई कमी सी लगती थी सितारों के उजालों में ।

10,

” तेरे इश्क में ” हम नाशाद हुए ।
आबाद हुए कभी बरबाद हुए ।
हमारे लिए नए ईजाद हुए ।
आबाद हुए कभी बरबाद हुए ।

11,

न तुम दे सके , न दुनियां ने दिया ।
पाने को प्यार , कया कया न किया ।
हम र ढेरों ही बेदाद हुए ।
आबाद हुए कभी बरबाद हुए ।

12,

तेरे जुल्मों सितम , हस हस्के सहे ।
जो शिकवे थे , जुबान से न कहे ।
तुम्हें पछतावे मेरे बाद हुए ।
आबाद हुए …………………..

13,

मुहब्बत के हमें , जब ईनाम मिले ।
हमारी वफ़ा को ही इल्जाम मिले ।
तेरे सितमों को भी दाद हुए ।
आबाद हुए ………….

14,

इश्क की नगरी ” दीवाने ” जो आये ।
जीते जी यारो वो लोट न पाए ।
मर कर ही वो आजाद हुए
आबाद हुए …………….

15,

तेरी खुशियों की खुदा से फरियाद हम करेंगे ।
गम के लम्हों में तुम्हारी इमदाद हम करेंगें ।
तो क्या हुआ तुमने किया बरबाद मुझको ।
हर गम सह कर घर तेरा आबाद हम करेंगे ।

16,

जाने कितने रोज उनसे गैरो के संग गुजरे हैं ।
हम यही समझते रहे की वो अब भी हमारे है ।
आज सोचा तो समझ में आ गया ऐ खुदा ।
हम जमीन की चल वो आसमान के सितारे हैं ।

17,

रस्म ‘ ए ‘ मोहब्बत से आज भी बेखबर हूँ मैं ।
न मिली हो जिसे वफ़ा ऐसा बशर हूँ मैं ।
अपनी जुल्फों के साये में जीवन बिताने दो मुझे ।
तेरी दुन्नियां का ठुकराया हुआ एक बेघर हूँ मैं ।

18,

मेरे पास छाए न ही आना ।
मुझको भले ही न अपनाना ।
वहीँ बैठके ही तुम रो लेना ।
जब भी मर जाये एरा ” दीवाना ” ।

19,

मेरे प्यार को कैसे जेहन से भुलाया होगा ।
नाम दिल पे जो लिखा मेरा कैसे मिटाया होगा ।
कैसे जुदाई सही होगीः हम यही सोचते हैं ।
कैसे अश्क रोके होंगे ” कैसे दिल बहलाया होगा ”।

20,

जब उन्हें है मुहब्बत का एहसास हुआ ।
मेरा जनाजा देख दिल उनका उदास हुआ ।
उनहोंने भी मांगी मौत जब ये पता चला ।
एक उन्हीं के कारण दीवाने का स्वर्गवास हुआ ।

21,

जब मेरे खाटों को तुमने आग में जलया हुआ ।
अपने होंठों को तब जैम ‘ए ‘ अश्क पिलाया होगा ।
हम अब भी यही सोचे है की ये कैसे किया तूने ।
कैसे हाथों ने दिलाय साथ ” कैसे दिल बहलाया होगा ”।

22,

तुमने मेरी लाश को तो कब्र में दफन दिया ,
मगर मेरी यादों को दिल में दफना न पाओगे ।
तुम्हें हर पल याद आऊंगा मैं इना मुझे यकीं है ,
भुलाने की कराए कोशिश मगर भुला न पाओगे ।

23,

बहारों से जब आखिरी सलाम आएगा ।
मेरा दिया गुलदस्ता तुम्हारे काम आयेगा ।
तेरे लिए जान भी दे देगा ‘ दिवेना ” ।
जब भी मुहब्बत में ऐसा मुकाम आएगा ।

24,

चाँद रोज की मुलाकात है सनम ।
और फिर बिछुड़ जायेंगें हम ।
कुछ पल की खुशियों के बाद ।
उम्रभर के मिल जायंगें गम ।

25,

तेरे वादों के साथ बता कब तक मेरा गुजरा होगा ।
कभी सोचा भी है तुमने क्या हाल तुम्हारे बिन हमारा होगा ।
तुम भूल गे हम कैसे भूले कह तो दिया भूल जाओ मुझे ।
क्या तुम्हें मैं याद न आऊंगा जब ” जन्म दिन तुम्हारा होगा ”।

26,

तुम मेरा नाम दिल से मिटाओगे हैसे ।
गम मुहब्बत का दुनियां से छुपाओगे कैसे ।
मैं न सही मेरा तोहफा तो पहुंचेगा ।
तुम बिन मेरे जन्म दिन मनाओगे कैसे ।

27,

एक बार मेरी वफ़ा का विशवास तो कर ।
न मिलन चाहे पर मिलने की आस तो कर ।
यूँ तो होंगे जमाने में सैंकड़ों ही आशिक तेरे ।
किसकी मुहब्बत है सच्ची ”अहसास तो कर ”।

28,

बार – बार नहीं खिलाती है कलियाँ बहार की ।
लौटके न आएंगी दोबारा घडिया प्यार की ।
चूड़ी कंगना कजरा बेकार है तेरा जन्म ।
” दीवाना ” ही है असली रोक तेरे शंगार की ।

29,

गुनाह अपना याद किया कर ।
आशिक यूँ न बर्बाद किया कर ।
मैं नहीं देख सकता बेरुखी तेरी ।
ये सब तू मेरे बाद किया कर ।

30,

तेरे होतीं से निकली हर बात याद आती है ।
खौफ ‘ ए ‘ जहाँ से मिलने वाली मुलाकात याद आती है ।
यूँ लम्हें एक भी बहलने लायक नहीं पर जयादातर ।
पहली मुलाकात में जो बरसी थी बरसात याद आती है ।…